sholay18

JNU ke Sholay – 1

मौसी: लेकीन बेटा, बुरा नहीं मानना, ईतना तो पुछना ही पडता है, के लडके का खानदान क्या है, ऊसके लछ्छन कैसे है, कमाता कितना है?

दोस्त : कमाने का तो यह है मौसी….के एक बार स्टाईपेंड बंद हो गयी तो कमाने भी लगेगा |

मौसी : स्टाईपेंड मतलब, बच्चा पढ रहा है ? ईतनी कम उमर मे शादी ?

दोस्त : नहीं नहीं ये मैने कब कहा मौसी? लडका तो २९ साल का है|

मौसी : हाय दैया, इतना बडा लडका ? और रहता कहा है? होस्टल में ?

दोस्त : वैसे रहता होस्टल में है पर कभी कभी पुलिस थाने में सोना पडता है |

मौसी : पुलिस थाने में ? तो क्या चोर है ?

दोस्त : वो और चोर! ना ना ना मौसी! वो तो क्रांतीकारी है | अब कभी कभी दोस्तों के साथ अफझल की समर्थन के नारे देता पकडा गया तो पुलिस उठा के ले जाती है |

मौसी : हाय हाय, बस यहीं एक कमी रह गयी थी | मतलब देशद्रोही है वो ?

दोस्त : मौसी आप तो मेरे दोस्त को गलत समझ रही है | वो तो ईतना सीधा और भोला है की, आझादी के चक्कर में उसे होश ही नही रहता की वो कौनसे देश का है |

मौसी : अरे बेटा , मुझ बुढीया को समझा रहे हो। मेरे बचपन में हम आझाद हो चुके है | अब कौनसी आझादी मांग रहा है ये?

दोस्त: बस मौसी , उसका पता चलते ही हम आप को खबर दे देंगे|

मौसी : एक बात की दाद दूंगी बेटा, भले सौ बुराईया है तुम्हारे दोस्त में, फिर भी तुम्हारे मुंह से उस के लिए तारिफ ही निकलती है !

दोस्त : अब क्या करु मौसी…. मेरा तो नाम ही केजरिवाल है |

JNU ke Sholay – 2

(आइये देखते है, आगे क्या हुआ।)

लडका JNU के पानीकी टंकीपे चढ जाता है।

लडका :कुद जाऊंगा, फांद जाऊंगा, मर जाऊंगा। हट जाओ।
लोग :पर तुम मरना क्यों चाहते हो।
लडका :मुझसे बर्दाश नहीं होता अब। इस nonsecular राजमें सांस लेना मुश्किल है।

शंकर :अरे भाई, ये nonsecular क्या होता है।
दिनानाथ :चोट लगने पर तुम्हारे मुंहसे अगर “हे राम” निकले, तो अंग्रेज उसे nonsecular कहते है।
शंकर :और अगर दुसरे भगवानका नाम निकला तो।

< लडका दोनो हाथ उठाता है।>
लडका : ये सरकार मेरेको उठाईंग और जेलमें डालींग। जेलमें मैं चक्की पिसींग ऍण्ड पिसींग ऍण्ड पिसींग। क्या बताऊं गांववालो, ये देशमें Human Rights Violation हो रहा है।

शंकर :अरे भाई, ये Human Rights Violation क्या होता है।
दिनानाथ :सरकार जब आतंकवादीयोंके खिलाफ जानलेवा कारवाई करती है, तो अंग्रेज उसे Human Rights Violation कहते है।
शंकर :और आतंकवादी निरपराधीयों को मारते है तो।

< लडका लडखडाता है।>
लडका : एक बात सुनलो गांववालो। मैं मर गया तो बडी मुसीबते आईंग, intolerance और बढिंग।

शंकर :अरे भाई, ये intolerance क्या होता है।
दिनानाथ :जब देशके किसी कोनेमें किसी अल्पसंख्याक के साथ अन्याय होता है, तो अंग्रेज उसे intolerance कहते है।
शंकर :और अगर बहुसंख्याकों के साथ अन्याय हुआ तो।

< लडका कुदने लगता है।>
लडका :गांववालो, जा रहा हुं मैं पीएचडी छोडके।

शशी :अरे रुको रुको । तुम तो भगतसिंग हो इस जमाने के, हम तुम्हे अपनाते है।
लोग :ये तुम्हे अपना रहे है। अब तो नीचे आ जाओ।
लडका :इनके अपनानेसे क्या होगा। पार्टी इनकी थोडेही है।
रागा :शशीजी, भगतसिंग मतलब अजय देवगण, बॉबी देओल, वही ना। मैंने दोनों फिल्में बचपनमें देखी है। ये लडका अजय और बॉबी, दोनोंसे अच्छी एक्टिंग कर रहा हैं। आपकी परख अच्छी हैं। अरे सुनो, जो भी नाम हो तुम्हारा, नीचे जाओ। हम तुम्हे अपनाते है।
लडका :शशीभी तैयार, रागाभी तैयार, तो मरना कॅन्सल।

These two parts were written on 13th and 24th March after JNU episode.

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